शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

किए खे ऑटा

जुब्लो  ओटेयो कोमाया रुपिया 
कालेजो भेजा एकला भुपिया 
देस न देखी रात न  जाणी
दो पोड़ा चाए बोर्शु पानी 
जेते मांगे ताखे रूपया दिते
 खोर्चे तेरे खेतों बे बिके
 ओब्रे रोई न कोएँ बाखोर
 शीरो गशे रोऊ एक छापोर
 पानी सातु खाए आम रो बाबे
 ताखे भेजो थिए घियो के डाबे
 पालियो किया मोटा झोटा
 पर मेरा तू किए खे ओटा
 चोरो गुंडे रा सोंग्तो किया
 चीजे सालो बे फोएल गिया
 चोरी बोरी रो झोगडे बाने
 आमा बाबा लाए शाने रो बाने
 एकी देसो जोबे पुलिस आई
 पाकडी निया धियो रा भाई
 माँ रे जियो दी कायली आई
 खून पोड़ा कोयदी खोटा
 भेजा थिया कालेजो पडदा
 पर मेरा तू किए खे ओटा |